चाणक्य नीति : सुखी जीवन के लिए हमेशा याद रखे इन बातो को
जीवन को सफल बनाने के लिए महान अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ चाणक्य ने अनेकों नीतियाँ का उल्लेख किया है ताकि मनुष्य खुशहाली से अपना जीवन व्यतीत कर सके। ‘कौटिल्य’ नाम से प्रसिद्ध चाणक्य ने कुछ ऐसी नीतियों के बारे में बताया है जो आपके लिए बेहद उपयोगी है तो आइये जानते है कुछ बाते।

अपने घर का भेद न बताये
अगर आप सुखी जीवन जीना चाहते हो तो चाणक्य की इस नीति को हमेशा याद रहे। क्योकि अगर अपने घर की स्थिति किसी को बताओगे तो हो सकता है आपका दुश्मन इसका फायदा उठाये और आपको बर्बाद कर दे। इसलिए कितनी भी विकत स्थिति क्यों न हो घर का भेद खोलने से बचे।
अपने परिवार के सदस्यों की बुराई न करे
आपके परिवार का कोई सदस्य कैसा भी है चाणक्य का कहना है उसकी बुराई दूसरों के सामने न करे हो सकता हो तो घर में ही बातचीत करके उसे सुलझाने की कोशिश करे, क्योकि कुछ लोग इस बात का फायदा उठाते है और आपके परिवार के सम्म्मान को ठेस पहुंच सकती है।
पैसे का संतुलन
जीवन में पैसे के संतुलन को बनाये रखना बेहद जरुरी है आय और व्यय की समझ न रखने वाला इंसान बर्बाद हो जाता है और जीवन नर्क बनने में देर नहीं लगती। इसलिए जीवन की सफलता के लिए खर्च और कमाई में संतुलन का ध्यान रखे।
पिता का सबसे बड़ा दुःख
चाणक्य के अनुसार पिता के लिए सबसे बड़ा कष्टदायी समय तब होता है जब वो अपनी पुत्री को विधवा के रूप में देखता है। इस दुःख का कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता और उस स्त्री को भी जीवन में कई तरह की पीड़ा सहनी पड़ती है। उस पुत्री के पिता का जीवन भी दुखदायी बन जाता है।
बुराई को दूसरों तक न पहुँचाये
अगर आपने किसी से कोई बात सुनी है तो ध्यान रहे कि उसे अपने तक ही सीमित रखे। निंदा और बुराई वाले शब्द दूसरों तक न पहुँचाये। अगर आप किसी की कोई बात अपने ही दिल में रखोगे तो आपका मान सम्मान बना रहेगा।
गुणवान स्त्री का होना किस्मत की बात
कहते है न अगर घर में समझदार स्त्री हो तो घर स्वर्ग बन जाता है और अगर मूर्ख स्त्री हो तो वही घर नर्क बनने में देर नहीं लगती, आचार्य का कहना है कि घर में गुणवान स्त्री घर को स्वर्ग बना देती है और घर में बेहतर सोच वाली स्त्री होना सौभाग्य की बात है। क्योकि एक सूझवान औरत ही अपने परिवार को बेहतर बनाने के बारे में सोच सकती है।
दान करना है बेहद जरुरी
पैसा सभी के पास नहीं होता जिनके पास है वो भाग्यशाली है पर अगर उस पैसे का सही इस्तेमाल न हो तो सुखी जीवन कब नर्क में तब्दील हो जाए, कुछ पता नहीं।
चाणक्य के श्लोकों या नीतियों के बारे में बात करे तो उनका कहना है कि उस धन का कोई फायदा नहीं जो दान में न दिया जाए जरूरत से ज्यादा पैसा होने पर दानी स्वभाव न होना किसी काम का नहीं। पैसा तो बहुत से लोगों के पास होता है पर कुछ लोग उसे जमा करके रखते है तो कुछ उस पैसे का सही समय पर इस्तेमाल करते है।
लालच के लिए रिश्ता न बनाये
लालची इंसान का जल्दी ही खात्मा हो जाता है इसलिए किसी से जुड़ने से पहले ये अच्छी तरह जान ले कि सहमने वाला इंसान किसी लोभ में तो नहीं। क्योकि लालच के लाभ में बने रिश्ते ज्यादा देर तक नहीं चलते।
चोर किसी की पीड़ा नहीं समझता
चाणक्य का कहना है कि चोर को किसी की पीड़ा से कुछ लेना देना नहीं होता, उसका मकसद सिर्फ चोरी करना होता है वो ये नहीं समझता कि उस चोरी से सामने वाले को कितनी बड़ी परेशानी हो सकती है।
अपनी कमजोरी न करे उजागर
उनके अनुसार अपनी कमजोरियों को किसी के सहमने व्यक्त न करे नहीं तो विरोधी आपका फायदा उठाकर आपको भारी नुक्सान पंहुचा सकता है।
धैर्य होना सफलता की निशानी
किसी इंसान में धैर्य होना बहुत जरुरी है धैर्यवान व्यक्ति सफलता को आसानी से हासिल कर सकता है पर धैर्य न होना व्यक्ति को एक समय बाद बर्बाद कर सकता है।
सीखने के लिए झुकना जरुरी
जिस प्रकार कुएं में उतरी बाल्टी भर कर बाहर आती है उसकी प्रकार जीवन का नियम है जो झुकेगा वही प्राप्त करेगा। इसलिए झुकने में शर्म न करे अगर आपको अपने से छोटे से कुछ सीखने का मौका मिले तो उसे सीखना बेहतर है।
जीवन में आगे बढ़ने का नियम
जीवन में आगे बढ़ना है तो दुनिया की बातों पर गौर करना छोड़ दो कि दुनिया क्या कहेगी क्योकि ज्यादातर लोगों की बातें आपका मनोबल गिराने वाली होंगी। इसलिए जो करना है उसे पूरा मन लगा कर करे।
कुछ जरुरी बातें
1) जिस प्रकार शेर के सामने अपना शिकार जैसा भी हो वो पूरी शक्ति लगा देता है उसी प्रकार काम छोटा हो या बड़ा उसे अपनी पूरी शक्ति लगा कर करे। ये सच है क्योकि पूरी मेहनत से किया गया काम रंग तो लाता ही है और हमे संतुष्टि भी प्रदान करता है।
2) किसी भी व्यक्ति के गुण उसको ऊंचा बनाते है, न की व्यक्ति ऊंचे स्थान पर बैठकर ऊँचा बन जाता है।
3) अगर जहर से भी अमृत निकालना पड़े तो निकालना अच्छा है कहने का भाव है कि गंदगी में पड़े सोने को पानी से धोकर अपनाना भी ठीक है।
4) जो व्यक्ति ताकतवर न होते हुए भी अंदरूनी तौर पर हार नहीं मानता उससे ताकतवर कोई नहीं हो सकता। मतलब दुनिया की कोई भी ताकत उस इंसान को हरा नहीं सकती।
चाणक्य ने अपने श्लोकों में बहुत सी बातों का उल्लेख किया है जिन्हे समझकर अपने जीवन में धारण करने से हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते है।
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कैसे बन सकते हैं IAS Officer, पढ़ें विस्तार से
यह कहा जाता है कि "अपने सपनों को पूरा करने के लिए आपको जागने की आवश्यकता है"। आपके जीवन में एक उद्देश्य या एक लक्ष्य होना बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह ना केवल आपके सपनों को पूरा करता है बल्कि आपको एक ख़ुशहाल ज़िन्दगी भी प्रदान करता है। यह आपके अन्य लोगों और दोस्तों को भी प्रेरित करेगा। तो जैसे की हम सब को ये तो पता चल गया है की हमारे जीवन में एक लक्ष्य का होना कितना जरुरी है। पर अगर हम बात करे दुनिया की तो हर किसी का सपना अलग- अलग है। कई इंजीनियर, डॉक्टर,टीचर और बिजनेसमैन बनना चाहते है। और कई ऐसे स्टूडेंट्स भी है जो आईएएस Officer बनने का सपना देखते है। बल्कि आज तो आईएएस देश के लाखों स्टूडेंट्स का ड्रीम करियर बन चूका है।

हम कई बार देखते है की अक्सर स्टूडेंट्स इस परीक्षा से काफी डरते है, क्योकि ये परीक्षा सिविल परीक्षाओं में से सबसे कठिन परीक्षा है, पर आपको घबराने की कोई जरुरत नहीं। बस अपना इरादा मजबूत बनाओ और अपना 100 % देना शुरू कर दो IAS के लिए उम्र
जी हाँ, यह जानना बहुत जरूरी है की सिविल सर्विस परीक्षा में बैठने के लिए आपकी उम्र कितनी होनी चाहिए। UPSC सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष है। सामान्य कैटेगेरी के लिए ऊपरी आयु सीमा 32 वर्ष है, ओबीसी के लिए यह 35 वर्ष है जबकि एससी / एसटी के लिए यह 37 वर्ष है। और इतनी उम्र से ज्यादा वाले candidates इस परीक्षा में नहीं बैठ सकते।
कई स्टूडेंट्स द्वारा पूछा गया पहला प्रश्न है, "मैं सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कब शुरू करूंगा?" इसका सबसे अच्छा एक नियम है कि आपको यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कम से कम एक साल पहले शुरू करनी होगी।
प्रारंभिक चरण में आपको कुछ चीजें करनी होंगी:
प्रारंभिक परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रकार के दो पेपर होंगे और अधिकतम 400 अंक होंगे। यह परीक्षा केवल स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में होगी।
मुख्य परीक्षा
यूपीएसई की मुख्य परीक्षा में प्रश्न के उत्तर लिखने होते है यानि ये ojbective type के प्रश्न नहीं होती है। और आपको आपके IQ लेवल के साथ- साथ आपकी लेखनी में भी अच्छा होल्ड होना चाहिए। और जब आप अपना प्रारंभिक परीक्षा पास कर लोगे, उसके बाद आपको मुख्य परीक्षा की तैयारी में करीब 2, 3 महीनो का समय मिलता है।
आईएएस की तैयारी के लिए कुछ मुख्य बाते
- यूपीएससी के सिलेबस को कवर करें।
- एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें पढ़ें।
- दैनिक समाचार पत्र पढ़ने की आदत शुरू करें।
- एक बार जब आप यूपीएससी पाठ्यक्रम करना शुरू करते है, तो आपको यह पता चल जाएगा कि आपको कितना कवर करना है।
दोस्तों अगर आप हमारे द्वारा दी गई जानकारी को अच्छे से फॉलो करोगे तो, इससे आपको आपका सपना पूरा करने में काफी मदद मिलेगी।।
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